लोकसभा में दिए अपने भाषण को शेयर कर राहुल गाँधी ने मोदी सरकार से कहा,”अन्नदाता का साथ दो”.

किसान आन्दोलन लगातार जारी है. दिल्ली में बैठी मोदी सरकार से दिल्ली की सीमा पर बैठे किसानों का दर्द दिखता हीं नहीं है. न उन्हें ठण्ड दिखती है और न मरते किसान. उनकी मीडिया भी इन बातों पर चुप्पी साध लेती है. उन्हें दिखता है तो चिकन बिरयानी, पिज़्ज़ा और वो तमाम बातें जिनके जरिए वो किसान आन्दोलन को बदनाम कर सकें. मगर विपक्ष ने इस बार काफ़ी अहम भूमिका निभाई है. खास तौर पर राहुल गाँधी ने. राहुल गाँधी पहले नेताओं में शामिल थें जिन्होंने इस बिल के पीछे सरकार की असली मंशा को समझते हुए किसानों को आगाह किया कि केंद्र सरकार उनकी जमीन और उपज दोनों पर पूंजीपतियों का वर्चस्व करवाना चाहती है.

फाइल फोटो

राहुल गाँधी ने जो किसान ट्रेक्टर रैली पंजाब और हरियाणा में की थी उसी का नतीजा माना जा सकता है कि पंजाब का जागरूक किसान अपनी हक की लड़ाई के लिए दिल्ली बॉर्डर पर खड़ा है और सरकार से आँखों में आंख डाल कर बात कर रहा है. राहुल गाँधी भी लगातार हमलावर हैं. दवाब ऐसा कि जिनलोगों ने बिल का समर्थन किया था वे भी अब विरोध करते नज़र आ रहें हैं. राहुल गाँधी बार बार किसानों की बात कर रहें हैं और केंद्र सरकार के रवैये की जमकर आलोचना भी कर रहें हैं.

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राहुल गाँधी ने ट्वीट कर 2015 में लोकसभा में दिया अपना भाषण शेयर किया है. राहुल गाँधी तब भूमि अधिग्रहण बिल पर चर्चा के दौरान अपनी बात रख रहें थें. राहुल गाँधी ने उस बिल को भी किसानों के साथ धोखा करार दिया था. अंततः भारी विरोध के बिच मोदी सरकार बैक फूट पर आ गई थी और उन्हें अपना ये बिल वापस लेना पड़ा था. फिर एक बार किसान को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने सामने है.

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