कृषि कानूनों के खिलाफ़ कांग्रेस ने देश भर से जुटाए 2 करोड़ हस्ताक्षर, राहुल सौपेंगे राष्ट्रपति को ज्ञापन…

कृषि कानूनों के खिलाफ सबसे पहले आवाज बुलंद करने वाली राजनीतिक दल कांग्रेस ने देश भर से इन बिलों के खिलाफ 2 करोड़ हस्ताक्षर जमा कर लिए हैं. राहुल गाँधी ने पंजाब से शुरू हुए इस आन्दोलन में खुद हिस्सा लिया था और केंद्र द्वारा लाए गए कृषि कानूनों की आलोचना की थी. ये कांग्रेस पार्टी की मुस्तैदी का नतीजा हीं था कि पार्टी ने किसानों को भाजपा के प्रचार तंत्र से बचाए रखा और उन्हें आने वाले खतरे से आगाह किया. पंजाब से शुरू हुआ ये आन्दोलन हरियाणा होते हुए अब दिल्ली के बॉर्डर पर आ चूका है. काफ़ी लंबे अरसे से किसान दिल्ली की बॉर्डर पर हैं.

फाइल फोटो

शुरुवात में हीं इन तीनों कृषि कानूनों को भारतीय किसानों के लिए काला कानून बताने के बाद से हीं कांग्रेस ने इसके विरोध के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी. कांग्रेस ने पंजाब, हरियाणा समेत कई राज्यों में ट्रेक्टर रैली कर किसानों के साथ संवाद किया था. राहुल गाँधी ने खुद ट्रेक्टर चला कर सन्देश दिया था कि कांग्रेस हीं किसानों के साथ है. हरियाणा सरकार के कड़े तेवरों के बावजूद राहुल गाँधी के दृढनिश्चय के सामने सरकार को झुकना पड़ा था. दरअसल हरियाणा सरकार ने ये कहा था कि वे ट्रेक्टर रैली के लिए राहुल गाँधी को हरियाणा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी थी. मगर राहुल गाँधी ने न सिर्फ हरियाणा में प्रवेश लिया बल्कि खुद ट्रेक्टर भी चलाया.

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ट्रेक्टर रैली के अलावे कांग्रेस पार्टी ने इन तीनों कानूनों के खिलाफ पुरे देश में प्रेस कांफ्रेंस का भी आयोजन किया था. प्रेस कांफ्रेंस के जरिए इस कानूनों से किस तरह बड़े बड़े उद्योगपतियों को मदद पहुचाने की मंशा है सरकार की, इस बात पर भी ज़ोर दिया गया. पंजाब में आयोजित हुए प्रेस कांफ्रेंस में राहुल गाँधी ने खुद मीडिया का सामना किया. उस दौरान उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भी मौजूद थें. राहुल ने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान हीं साफ़ कर दिया था कि किसानों का हक मारा जा रहा है और कांग्रेस किसानों के साथ है और उनके हक की लड़ाई लड़ेगी.

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कांग्रेस ने इसके अलावे 2 करोड़ हस्ताक्षर देश भर से जुटाने का संकल्प लिया था. इसके लिए जिला मुख्यालयों तक कार्यकर्ताओं को कार्यभार सौपा गया. अब ये संकल्प पूरा हो गया है. कांग्रेस ने 2 करोड़ हस्ताक्षर जुटा लिया है. इन हस्ताक्षरों के साथ राहुल गाँधी फिर एक बार इन तीनों कानूनों के खिलाफ राष्ट्रपति से मिलेंगे. इस दौरान वो देश भर से एकत्रित किये गए इन हस्ताक्षरों को राष्ट्रपति को सौपेंगे. राहुल गाँधी का ये कार्यक्रम 24 दिसंबर का है, वो राष्ट्रपति से मिल कर इन कानूनों के खिलाफ ज्ञापन सौपेंगे.

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