“घर आए और खाना खाकर चले गए”, जिसके घर बंगाल में अमित शाह ने खाया उससे एक शब्द बात तक नहीं की…

बंगाल चुनाव को लेकर कोरोना को नजरंदाज करते हुए राजनीतिक दल ज़ोर शोर से लगी हुई है. बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी के तरफ से शीर्ष नेतृत्व हीं मैदान में है. अमित शाह खुद प्रचार करते चल रहें हैं. हालाँकि उनका दावा है कि बंगाल में बीजेपी 200 सीट से ज्यादा जीतेगी मगर बंगाल में तृणमूल कांग्रेस भी पुरे दम के साथ सत्ता बचाने की जुगत में लगी हुई है. अपने अपने दावा के साथ हर दल जमींन पर जनता के साथ दिखना चाहते हैं. चनावों के सीजन में ग़रीबों के घर खाना खाना तो राजनीति में कोई नई बात नहीं है मगर घर जाकर खाना खाना और फिर भी एक शब्द बात किये बिना चले जाना ये तो थोडा अचंभित करता है.

दरअसल हाल में हीं शांति निकेतन में स्थित बासुदेव दास के घर पर अमित शाह ने भोजन किया था. बासुदेव गायक हैं,  बाउल गायक. ये बंगाल का लोकगीत होता है. बासुदेव दास के यहाँ अमित शाह ने खाना तो खाया मगर अब दास कह रहें हैं कि अमित शाह ने उनसे दो पल रुक कर बात तक नहीं की. दास ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का खेद है कि अमित शाह ने उनसे एक पल बात तक नहीं की.. दास ने बताया की वे अमित शाह से बात करते हुए ये बताना चाहते थें की उनकी क्या समस्या है, मगर अमित शाह बस खाए और चल दिए. इससे वो नाराज हैं.

अमित शाह
File Photo

वहीं तृणमूल नेता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ये बीजेपी की पुरानी आदत है. वे सिर्फ खाना खाकर चले गए मगर उनके पास इतना फुर्सत भी नहीं था कि दो पल रुक कर बात कर ले. मीडिया से बातचीत करते हुए तृणमूल नेता ने कहा “बंगाल सरकार लोकगीत गायकों के लिए काम कर रही है, उन्हें हमारी मदद चाहिए और हम जानते हैं, हम पूरी कोशिश कर रहें हैं उनकी मदद करने की.” उन्होंने ये भी कहा कि बासुदेव दास को वो बंगाल सरकार की तरफ से आर्थिक मदद भी पहुँचाने की कोशिश करेंगे.”

From Twitter

बासुदेव दास ने मीडिया को बताया कि वो ममता बनर्जी के साथ रैली में शामिल होंगे. क्यूंकि ममता बनर्जी ने उन्हें मदद पहुंचाई है. दास ने कहा कि बंगाल सरकार ने बहुत मदद पहुंचाई है मगर वो अमित शाह से बात कर उनके सहारे केंद्र सरकार से  बाउल गायकों के लिए मदद की मांग करते. उन्होंने कहा कि उनके पास अमित शाह से कहने के लिए बहुत कुछ था मगर अमित शाह से वो 2 पल बात तक नहीं कर सके. वहीं अब स्थानीय बीजेपी नेताओं का कहना है कि ये तृणमूल कांग्रेस की साजिश है, उस गायक की याद उन्हें तब आई जब बीजेपी के नेता उस गायक के घर गए”.

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